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इंदौर में ठेले हटाने पर विवाद, निगम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठे पार्षद

इंदौर में सड़क किनारे ठेले हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। पार्षद कुणाल सोलंकी निगम की कार्रवाई के खिलाफ गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गए। विवाद के दौरान ठेले वालों की रोजी-रोटी और सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण का मुद्दा सामने आया।

ई-इंदौर डेस्क 24 Oct 2026 35 बार देखा गया Indore
इंदौर में ठेले हटाने पर विवाद, निगम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठे पार्षद

इंदौर में ठेले हटाने पर विवाद, निगम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठे पार्षद  |  ई-इंदौर फोटो

Nagar Nigam Indore: इंदौर के नेमावर रोड स्थित पालदा क्षेत्र में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को नगर निगम की कार्रवाई पर विवाद हो गया। सड़क किनारे ठेले हटाने पहुंची निगम टीम का स्थानीय पार्षद कुणाल सोलंकी ने विरोध किया। वह निगम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गए।

छह ठेले जब्त होने पर बढ़ा विवाद

नगर निगम की रिमूवल टीम पालदा क्षेत्र में सड़क किनारे लगे ठेले हटाने पहुंची थी। टीम को देखकर कई दुकानदार अपने ठेले लेकर आसपास की गलियों में चले गए।

कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों ने छह ठेले जब्त कर लिए। इसकी जानकारी मिलने पर पार्षद कुणाल सोलंकी मौके पर पहुंचे।

निगम की गाड़ी के सामने बैठे पार्षद

पार्षद ने त्योहार के समय गरीब दुकानदारों पर कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने अधिकारियों से जब्त ठेले वापस करने की मांग की।

मांग पूरी नहीं होने पर वह निगम के वाहनों के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान स्थानीय रहवासियों ने भी विरोध जताया।

पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप

indore parshad कुणाल सोलंकी ने आरोप लगाया कि निगम की रिमूवल टीम ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की।

उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ठेला व्यापारियों ने भी उठाए सवाल

ठेला व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब्त ठेले छोड़ने के बदले उनसे पैसे मांगे जाते हैं।

इन आरोपों पर नगर निगम का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। इसलिए इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

निगम के घेराव की दी चेतावनी

पार्षद ने चेतावनी दी कि शनिवार तक ठेले वापस नहीं मिले तो निगम का घेराव करेंगे।

फिलहाल, जब्त ठेलों की वापसी और विवाद के समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।

यह मामला शहर में सड़क अतिक्रमण हटाने और छोटे व्यापारियों की आजीविका के बीच संतुलन का सवाल उठाता है।

FAQ

1. इंदौर में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विवाद क्यों हुआ?

इंदौर के पालदा क्षेत्र में नगर निगम की टीम सड़क किनारे लगे ठेले हटाने पहुंची थी। छह ठेले जब्त करने के बाद स्थानीय पार्षद ने कार्रवाई का विरोध किया।

2. नगर निगम की गाड़ी के सामने धरने पर कौन बैठे थे?

पार्षद कुणाल सोलंकी नगर निगम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने गरीब ठेला व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया।

3. nagar nigam indore ने कितने ठेले जब्त किए?

रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम की रिमूवल टीम ने पालदा क्षेत्र में छह ठेले जब्त किए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हुआ।

4. पार्षद कुणाल सोलंकी ने नगर निगम पर क्या आरोप लगाए?

पार्षद ने आरोप लगाया कि निगम की टीम ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

5. क्या नगर निगम ने जब्त किए गए ठेले वापस कर दिए हैं?

अभी जब्त ठेलों की वापसी की पुष्टि नहीं हुई है। पार्षद ने ठेले वापस नहीं मिलने पर नगर निगम के घेराव की चेतावनी दी थी।

6. इंदौर में सड़क किनारे ठेले लगाने के क्या नियम हैं?

सड़क किनारे ठेले लगाने के लिए निर्धारित वेंडिंग जोन और स्थानीय नियमों का पालन जरूरी है। नगर निगम सार्वजनिक रास्तों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, कार्रवाई में स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम, 2014 के लागू प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है।

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