बारिश के मौसम में इंदौर के झरने और पिकनिक स्पॉट युवाओं को आकर्षित करते हैं। लेकिन एडवेंचर के नाम पर प्रतिबंधित जगहों पर जाना जानलेवा साबित हो रहा है।
पिछले पांच वर्षों में प्रतिबंधित और खतरनाक पिकनिक स्थलों पर 70 से ज्यादा युवाओं की मौत हो चुकी है। प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद लोग जोखिम उठाकर इन जगहों तक पहुंच रहे हैं।
बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड भी नजरअंदाज
कई खतरनाक स्थानों पर प्रशासन ने बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग इन्हें पार कर झरनों और कुंडों के मुहाने तक पहुंच जाते हैं।
तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। फिसलन और गहराई का अंदाजा नहीं होने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
इन जगहों पर जाना प्रतिबंधित
तिंछा फॉल, चोरल फॉल, शीतलामाता फॉल, बामनिया कुंड और जोगी भड़क जैसे स्थान खतरनाक सूची में शामिल हैं। बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में जाना प्रतिबंधित किया जाता है।
इसके बावजूद युवा अक्सर चेतावनी को नजरअंदाज कर फोटो और वीडियो बनाने पहुंच जाते हैं। कई बार यही लापरवाही गंभीर हादसे में बदल जाती है।
'माफ कीजिए, ये एडवेंचर नहीं है'
मीडिया में 'माफ कीजिए, ये एडवेंचर नहीं है' अभियान के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान का संदेश साफ है कि प्रतिबंधित जगह पर जोखिम लेना रोमांच नहीं है।
बारिश के दौरान सुरक्षित पर्यटन स्थलों का चयन करना जरूरी है। प्रशासन की चेतावनी और प्रतिबंधों का पालन करके ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।