मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क की एक भारतीय मूल की मादा चीता मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र में घायल अवस्था में मिली। वन विभाग की टीम ने सोमवार को उसे रेस्क्यू कर उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अधिकारियों ने चीता की निगरानी बढ़ा दी है।
पहाड़गढ़ क्षेत्र में मिली घायल
वन विभाग के अनुसार, मादा चीता कुनो के बाहर घूमते हुए मुरैना के पहाड़गढ़ इलाके तक पहुंच गई थी। गश्ती दल को उसके घायल होने की सूचना मिली। इसके बाद विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया।
प्रारंभिक जांच में शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि चोट लगने की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है।
कुनो से बाहर निकल रहे हैं चीते
पिछले कुछ महीनों में कई चीते कुनो नेशनल पार्क की सीमाओं से बाहर जाते देखे गए हैं। वन विभाग रेडियो कॉलर और ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से उनकी गतिविधियों पर नजर रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुले जंगलों में घूमना चीतों के प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है। लेकिन सड़क, मानव गतिविधियां और अन्य जोखिम उनके लिए चुनौती बन सकते हैं।
प्रोजेक्ट चीता के लिए अहम मामला
प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण का काम जारी है। हाल के वर्षों में भारतीय मूल के चीतों की संख्या बढ़ी है और कई शावकों का जन्म भी हुआ है।
वन विभाग का कहना है कि घायल मादा चीता को पूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उसकी स्थिति स्थिर होने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवागमन वाले क्षेत्रों की निगरानी की आवश्यकता को सामने रखा है।