इंदौर लोड हो रहा है... 499,447 विज़िटर्स
ई-इंदौर लोगो
होम / Lifestyle / इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो रूट का विरोध तेज, 300 से ज्य…
Lifestyle

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो रूट का विरोध तेज, 300 से ज्यादा रहवासी सड़क पर

इंदौर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो रूट को लेकर विरोध बढ़ गया है। तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी और आसपास के इलाकों के 300 से ज्यादा रहवासियों ने प्रदर्शन कर रूट बदलने की मांग की। लोगों को पुराने मकानों, बोरिंग और निर्माण के दौरान होने वाले असर की चिंता है।

ई-इंदौर डेस्क 14 Sep 2026 30 बार देखा गया Lifestyle
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो रूट का विरोध तेज, 300 से ज्यादा रहवासी सड़क पर

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो रूट का विरोध तेज, 300 से ज्यादा रहवासी सड़क पर  |  ई-इंदौर फोटो

Indore Metro News: इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो के प्रस्तावित रूट को लेकर रहवासियों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी, पत्रकार कॉलोनी और आसपास के इलाकों के 300 से ज्यादा लोगों ने बंगाली चौराहे के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर घनी आबादी वाले क्षेत्र से मेट्रो की सुरंग हटाने की मांग की।

मुख्य घटना

रहवासियों का कहना है कि वे शहर में मेट्रो परियोजना के खिलाफ नहीं हैं। उनकी आपत्ति प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर है। लोगों की मांग है कि मेट्रो लाइन को घनी आबादी वाले इलाकों के बजाय किसी ऐसे वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाए, जहां पुराने मकानों और आवासीय क्षेत्र पर कम असर पड़े।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बंगाली चौराहे पर मेट्रो कार्यालय के सामने अपनी आपत्तियां रखीं। रहवासियों ने रूट बदलने की मांग के साथ यह भी कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले सुरक्षा और संभावित प्रभाव को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

रहवासियों को किन बातों की चिंता?

प्रदर्शनकारियों के अनुसार प्रस्तावित रूट के आसपास कई पुराने मकान हैं। उनका डर है कि भूमिगत सुरंग के निर्माण के दौरान होने वाली खुदाई और अन्य निर्माण गतिविधियों से पुराने भवनों की नींव पर असर पड़ सकता है और भविष्य में दरार जैसी समस्या पैदा हो सकती है। यह फिलहाल रहवासियों की आशंका है, किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

इसके अलावा कई परिवार पानी के लिए बोरिंग पर निर्भर हैं। लोगों का कहना है कि टनल बोरिंग के दौरान कुछ बोरिंग प्रभावित या बंद हो सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में वैकल्पिक पानी की व्यवस्था और नुकसान की भरपाई कैसे होगी।

वैकल्पिक रूट की मांग

रहवासी चाहते हैं कि मेट्रो को घनी आबादी वाली कॉलोनियों के नीचे से ले जाने के बजाय किसी दूसरे अलाइनमेंट पर विचार किया जाए। कुछ लोगों ने पहले प्रस्तावित मार्ग के आसपास या चौड़ी सड़कों से भूमिगत लाइन ले जाने का सुझाव भी दिया है।

रहवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य इंदौर लाइव विकास परियोजनाओं को रोकना नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता तलाशना है जिससे मेट्रो सुविधा भी मिले और आवासीय क्षेत्रों पर संभावित असर भी कम हो।

प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन की स्थिति

इस मुद्दे पर रहवासियों की ओर से अधिकारियों के सामने आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इससे पहले भी प्रभावित इलाकों के लोगों और मेट्रो अधिकारियों के बीच चर्चा हो चुकी है। उपलब्ध ताजा जानकारी में प्रस्तावित रूट को बदलने पर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में आगे तकनीकी जांच, रूट की समीक्षा और स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर चर्चा महत्वपूर्ण होगी।

अब आगे क्या होगा?

अंडरग्राउंड मेट्रो रूट को लेकर विवाद अब स्थानीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। Latest Indore News में यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तरफ शहर के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रभावित कॉलोनियों के रहवासी अपने घरों, पानी के स्रोत और निर्माण के प्रभाव को लेकर जवाब चाहते हैं।

आगे रूट में बदलाव होगा या मौजूदा अलाइनमेंट पर ही काम आगे बढ़ेगा, यह संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगा।

जनता पर प्रभाव

अगर मौजूदा प्रस्तावित रूट पर निर्माण आगे बढ़ता है तो संबंधित इलाकों में निर्माण अवधि के दौरान आवाजाही, धूल, शोर और कंपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण अवधि के दौरान दैनिक जीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई है।

दूसरी ओर, इंदौर मेट्रो का विस्तार शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण है। 5 सितंबर 2026 को प्राथमिकता कॉरिडोर-2 के उद्घाटन के बाद इंदौर का परिचालन मेट्रो नेटवर्क करीब 17 किलोमीटर और 16 स्टेशनों तक पहुंच गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रस्तावित भूमिगत रूट को लेकर स्थानीय रहवासियों ने विरोध किया।

  • तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।

  • 14 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 300 से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शन किया।

  • मुख्य चिंता पुराने मकानों और बोरिंग को लेकर है।

  • रहवासी वैकल्पिक रूट की मांग कर रहे हैं।

  • अभी रूट बदलने का अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का विरोध क्यों हो रहा है?
रहवासियों को पुराने मकानों, बोरिंग और निर्माण गतिविधियों के संभावित असर की चिंता है।

2. किन इलाकों के लोग विरोध कर रहे हैं?
तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी, पत्रकार कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोग विरोध में शामिल हुए हैं।

3. क्या रहवासी मेट्रो परियोजना के खिलाफ हैं?
नहीं। उनका कहना है कि वे मेट्रो के विकास का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि घनी आबादी वाले क्षेत्र से प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट बदलने की मांग कर रहे हैं।

4. क्या मेट्रो रूट बदल दिया गया है?
अभी तक रूट बदलने के अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

समापन

इंदौर में मेट्रो का विस्तार शहर के लिए महत्वपूर्ण परिवहन परियोजना है, लेकिन प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियां भी सामने आ रही हैं। अब सबसे अहम सवाल यह है कि तकनीकी सुरक्षा, पानी के स्रोत और पुराने मकानों से जुड़ी चिंताओं का समाधान किस तरह किया जाता है। आने वाले दिनों में प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

पर वापस जाएंLifestyle