इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक की शुरुआत हो गई है। भारत समेत BRICS देशों के प्रतिनिधि खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और कृषि विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। बैठक का उद्देश्य वैश्विक कृषि सहयोग को मजबूत करना और किसानों के लिए टिकाऊ समाधान तलाशना है।
खाद्य सुरक्षा सबसे बड़ा एजेंडा
BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा को प्रमुख विषय बनाया गया है। बढ़ती आबादी और बदलते मौसम के बीच खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया के सामने खाद्य सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी है।
जलवायु परिवर्तन और खेती पर चर्चा
बैठक में जलवायु परिवर्तन का कृषि पर पड़ने वाला प्रभाव भी प्रमुख मुद्दा रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि अनियमित बारिश, सूखा और प्राकृतिक आपदाएं खेती को प्रभावित कर रही हैं।
BRICS देशों ने जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों और आधुनिक खेती के मॉडल साझा किए। इससे किसानों की आय और उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कृषि नवाचार पर विशेष फोकस
प्रतिनिधियों ने डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और नई तकनीकों के उपयोग पर विचार साझा किए। कृषि अनुसंधान और ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
बैठक में यह भी कहा गया कि छोटे किसानों तक तकनीक पहुंचाना भविष्य की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वैश्विक सहयोग बढ़ाने की पहल
BRICS सदस्य देशों ने कृषि व्यापार, अनुसंधान और निवेश में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और टिकाऊ कृषि मॉडल विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS देशों की साझेदारी वैश्विक कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है।
इंदौर बना अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र
बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने इंदौर की स्वच्छता और कृषि पहलों की सराहना की। कई प्रतिनिधियों ने ग्रामीण हाट और स्थानीय कृषि मॉडल में रुचि दिखाई।
इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
बैठक के समापन पर संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जा सकता है। इसमें खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और कृषि सहयोग को लेकर साझा रणनीति सामने आने की उम्मीद है।
BRICS देशों का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा देना है।